मानसिक शांति प्राप्ति में मुख्य बाधाएं
मानसिक शांति प्राप्ति में मुख्य बाधाएं
मानसिक शांति प्राप्ति में मुख्य बाधाएं काम , क्रोध , लोभ , मोह , अहंकार , मद , छल - कपट , दंभ , ईर्ष्या , द्वेष , अनाचार , दूषित यौनाचार , दूषित मनोभाव , पारिवारिक झगड़े , कटाक्ष , आलोचना , किसी दूसरे द्वारा किए कार्य में मीन - मेख निकालना आदि बातों को ही मुख्य बाधाएं माना गया है । किंतु मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से तनाव को ही अशांति का मुख्य कारण माना गया है । जब कोई व्यक्ति तनाव की स्थिति में होता है , तो वह ठीक से सोच - विचार नहीं कर पाता है । परिणामस्वरूप मानसिक अशांति की स्थिति में फंस जाता है । सामाजिक कारणों से पति - पत्नी का झगड़ा , सास - बहू का झगड़ा , संतान से झगड़ा , संतान का नियंत्रण से बाहर हो जाना , पति की नशे की आदत , पति या पत्नी के मन में शंका पैदा हो जाना , संबंधियों या पास - पड़ोस से झगड़ा , धन एवं जायदाद संबंधी झगड़ा आदि बातें मुख्य सामाजिक कारणों में गिनी जाती हैं । आजकल पति - पत्नी के झगड़ों का मुख्य कारण प्रायः अहं का टकराव ही होता है । यदि पति - पत्नी दोनों ही नौकरी कर रहे हैं , तो इसकी संभावना बहुत अधिक होती है । दोनों ही एक - दूसरे पर हावी होना चाहते हैं , साथ ही यह भी चाहते हैं कि उनकी इच्छा के विरुद्ध कोई कार्य न किया जाए ।
यदि यौन संबंधों में दोनों एक - दूसरे को संतुष्ट न कर पाते हों , तो भी संबंधों में तनाव बना रहता है । एक - दूसरे पर लांछन लगाने से , कामों में दोष निकालते रहने से भी तनाव की स्थिति बनी रहती है । यदि पति घर में पूरा वेतन लाकर न देता हो , तो भी दोनों में झगड़े की नौबत आती रहती है । यदि पति पत्नी से मार - पीट करता हो , पर स्त्री गमन करता हो , घर के कामकाज में रुचि न लेता हो , तो भी झगड़ा होने की संभावना रहती है एवं तनाव की स्थिति बनी रहती है । इस प्रकार के तनाव का मन पर विपरीत प्रभाव पड़ता है और मन में उठे विचार शरीर की क्रियाओं को प्रभावित करने लगते हैं । विचारों के इस प्रभाव को शारीरिक क्रियाओं पर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है ।
power of mind.
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